Wed. Jul 17th, 2024


रायपुर… प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ माननीय विनायक गोयल जी विधायक चित्रकोट विधानसभा के अथक प्रयास से प्रदेशाध्यक्ष राजकिशोर तिवारी के नेतृत्व में दिनाँक 07/07/24 को प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री आदरणीय विष्णु देव साय जी से मुख्यमंत्री निवास में मिलकर 1998 99 से पुरानी पेंशन का आदेश प्रसारित करने हेतु ज्ञापन सौपा l

प्रदेश शिक्षक कल्याण संघ के प्रदेश अध्यक्ष राजकिशोर तिवारी एवं कार्यकारी प्रांताद्यक्ष नारायण सोनी एवं प्रदेश महासचिव देशनाथ पांडे ने उन्हें अवगत कराया कि छ..ग.सरकार 2022 मे छ.ग. के समस्त शासकीय कर्मचारी जिनकी नियुक्ति 2004 के बाद हुई है उनके लिए पुरानी पेंशन की घोषणा की है ।लेकिन छ.ग.मे एक ऐसा शिक्षक संवर्ग जो शासकीय शालाओं मे 1998 से सेवा दे रहें हैं ।जिसे पंचायत भर्ती समझकर 20 वर्ष की सेवा को शून्य कर पुरानी पेंशन से दूर किया जा रहा है।जबकि कार्यभारित,दैनिक वेतन भोगी ,अंश कालीन कर्मचारियों को उनकी पिछली सेवा को भी गणना कर पेंशन दिया जा रहा है। 1998 99 से कार्यरत येसे कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं और बहुत से शिक्षक सेवानिवृत्त के कगार पर हैं।1998-99 में भर्ती किसी भी शिक्षक का सेवा पूर्ण पेंशन के दायरे मे नहीं हैं।क्योंकि शासन संविलियन तिथि 2018 को नियुक्ति तिथि मानकर पेंशन देना चाहती है


जितने भी 1998-99 से लेकर 2018 तक जितने भी शिक्षक भर्ती हुआ है सभी की सेवा को शून्य घोषित किया गया है जबकि 1998 99 के शिक्षक एल बी संवर्ग की भर्ती सहायक शिक्षक, उच्च श्रेणी शिक्षक, व्याख्याता के नियमित पदों पर रिक्त पदों पर एक निश्चित वेतन मान पर की गयी थी जिनका नियमानुसार 2001 मे नियमितीकरण किया गया l कार्यकारी अध्यक्ष नारायण सोनी ने भी अवगत कराया की 1998 99 से लेकर आज पर्यंत तक एक ही सर्विस बुक में साधारण किया जा रहा है और प्रत्येक वर्ष वेतन वृद्धि भी दिया जा रहा है और 2018 मे विभाग में शासकीयकरण भी किया जा चुका है इसी आधार पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन नियम 1976 के तहत हमे नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि जोड़कर जी पी एफ कटौती करते हुए शासकीय सकल लाभ दिया जाना चाहिए l लेकिन हमे उक्त लाभ से वंचित किया जा रहा है l जिससे अधिक नुकसान 1998 के एल बी संवर्ग को हो रहा है।*

भारत सरकार के पेंशन सिविल सेवा नियम 1972 के तहत भी 2004 के पूर्व भर्ती सभी कर्मचारियों के लिए भी जिनका शासकीयकरण 2004 के बाद कभी भी हुआ हो उनको उनकी नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि को जोड़कर शासकीय समस्त लाभ दिया जा रहा है l आगे जानकारी देते हुए बताया कि
*1998-99 *से लेकर आज पर्यंत तक ,पंचायत शिक्षक समझकर शासकीय मानते रही और न कभी हमे 35 किलो चांवल मिला ना आवास मिला ना सरकार का कोई योजना का लाभ मिला जबकि हमे 500 रू.मानदेय मे उपेक्षित, अपमानित ,संघर्ष पूर्ण और अभाव मे जीवन जीकर कर दूर दराज गांवों मे सेवाएं देते रहे *।
*जब हमे सरकारी लाभ देने का था तब हमे शासकीय कर्मचारी के श्रेणी मे गिनती कर सरकारी योजना से दूर किया गया।आज जब पेंशन देने कि बात आई तो हमारी20वर्ष की सेवा को अशासकीय माना जा रहा है।हमारे साथ कहां का न्याय है*।
*हमारे साथ कितना अन्याय है हमारा स्कूल एक है सेवा पुस्तिका एक है वेतन मान पर सरकार का काम किया है।जबकि केन्द्र सरकार भी 2004 के पूर्व भर्ती समस्त कर्मचारी जिनका शासकीकरण 2004 के बाद हुआ है ऐसे समस्त कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ देने का आदेश समस्त राज्य शासन ने दिया है और 1952-53 में भी पंचायतों के स्कूलो में भर्ती पंचायत शिक्षा कर्मी को भी 1962-63 में छत्तीसगढ़ सिविल सेवा पेंशन 1976 के तहत शासकीयकरण कर उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा अवधि गणना कर समस्त लाभ दिया गया है l

जबकि 1998 99 एल बी संवर्ग शिक्षक शासकीय स्कूलो मे अध्यापन कार्य कर रहे हैं l छ.ग.सरकार अभी तक हमारे साथ न्याय नहीं कर पाई है*मुख्यमंत्री जी ने सारे तथ्य दस्तावेज के आधार पर आश्वासन दिया कि आप लोगों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे विधि संगत न्याय होगा l ज्ञापन सौपने के दौरान प्रतिनिधि मंडल में ,प्रान्तीय सचिव नवीन चंद्राकर ,प्रान्तीय सह सचिव चंद्रभूषण ठाकुर सहित अनिल ढीढ़ी,रुद्रनारायण चंद्रवंशी , चंद्रशेखर चंद्राकर , जितेन्द्र साहू, कृष्ण कुमार वर्मा, फलेन वर्मा, हेमंत कुमार वर्मा ,भरत कनौजे ,भुवनेश्वर साहू उपस्थित थे l