Sat. Apr 20th, 2024

नीतीश कुमार ने बिहार के आठवीं बार मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। हिन्दी पट्टी वाले राज्यों में एक तरफ भाजपा विपक्षी खेमे को पटखनी देकर सत्ता पर है, दूसरी ओर बिहार में भाजपा सत्ता में रहते हुए बिना चुनाव के बेदखल हो गई। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह नीतीश कुमार हैं। राज्य विधानसभा चुनाव में तीसरी नंबर की पार्टी होने के बावजूद नीतीश कुमार के हाथ सत्ता की चाबी रही। अब नीतीश कु्मार का बयान साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले बड़ा संकेत दे रहा है। आम चुनाव में  विपक्ष के पीएम कैंडिडेट के सवाल का नीतीश ने सीधा जवाब तो नहीं दिया लेकिन, यह जरूर कह डाला कि नरेंद्र मोदी 2024 में पीएम नहीं रहने वाले। उनका बयान राजनीतिक गलियारों में कई सवाल और संभावनाओं को पैदा कर रहा है।

जानिए क्या था उनका बयान

इससे पहले बिहार में बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के तहत नीतीश कुमार ने एनडीए से किनारा करते हुए महागठबंधन के साथ अपने नए रिश्ते को आगे बढ़ाया और एक बार फिर सत्ता की चाबी अपने हाथ पर ली। हालांकि इस बार उनके साथ डिप्टी सीएम के तौर पर राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे तेजस्वी यादव रहेंगे। राजभवन में शपथ लेने के बाद नीतीश कुमार ने भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ वो अपना अलायंस दो महीने से तोड़ना चाह रहे थे। उन्होंने भाजपा पर उनकी पार्टी को बदनाम और नीचे दिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया।

क्या नितीश कुमार होंगे अगले पीएम कैंडिडेट?

नीतीश कुमार मीडिया के सवालों का जवाब दे ही रहे थे। उसी समय किसी ने उनसे पूछा कि क्या वे साल 2024 में विपक्ष की ओर से पीएम कैंडिडेट हैं ।इस सवाल का नीतीश ने जवाब तो नहीं दिया लेकिन, इतना जरूर कहा कि साल 2014 की तरह 2024 में वैसा नहीं रहने वाला है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी 2024 में पीएम नहीं रहने वाले हैं। उनकी बातों को राजनीतिक विशेषज्ञ बड़ा बयान मानकर चल रहे हैं। नीतीश की बातों से इस बात का संकेत मिलता है कि वे साल 2024 में पीएम कैंडिडेट के तौर पर दिल्ली की रेस में जाना चाहते हैं।