Tue. Apr 16th, 2024

[ प्रचंड धारा ] अभनपुर- जिला शिक्षा अधिकारी रायपुर के मार्गदर्शन एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी अधिकारी अभनपुर के संयोजन में विकासखंड अभनपुर के समस्त पूर्व माध्यमिक ,हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों के विज्ञान विषय के शिक्षकों एवं व्याख्याताओं का एक दिवशीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन दावड़ा इंटेरनेशनल स्कूल भेलवाडीह अभनपुर में आयोजित किया गया |

जिसमें ब्लॉक के सभी स्कूलों को आगामी इंस्पायर अवार्ड एवं राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस के लिए नामांकन करते समय आने वाले तकनीकी दिक़्क़तों का समाधान करने एवं बच्चों के आइडिया ,प्रोजेक्ट एवं मॉडल का विवरण तैयार करने तथा उसे ऑनलाइन अपलोड करने के सभी स्टेप को पीपीटी के माध्यम से बताया गया मास्टर ट्रेनर्स ने बताया कि एनसीएससी 2022 हेतु राष्ट्रीय स्तर पर इस बार थीम है स्वास्थ्य और कल्याण के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को समझना जिसके अंतर्गत पाँच उपकथानक है

  1. अपने पारिस्थितिकी तंत्र को जानें |
  2. स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण को बढ़ावा देना
  3. पारिस्थितिकी तंत्र और स्वास्थ्य के लिए सामाजिक और सांस्कृतिक प्रथाएं
  4. आत्मनिर्भरता के लिए पारिस्थितिकी तंत्र आधारित दृष्टिकोण (ईबीए)
  5. पारिस्थितिकी तंत्र और स्वास्थ्य के लिए तकनीकी नवाचार ।

इन विषयों पर स्कूली बच्चों को रिसर्च प्रोजेक्ट या सर्वे बेस्ड प्रोजेक्ट किया जा सकता है । इंस्पायर अवार्ड के लिए निर्देश दिया गया कि बच्चों से उनके स्कूल में पहले एक आइडिया कंपीटिशन किया जाए उसके पश्चात बेस्ट तीन आइडिया जो मूलतः बच्चों के ही हो जिसमें नयापन हो उसे निर्धारित फार्मेट में पीडीएफ़ बनाकर इंस्पायर अवार्ड मानक के साइट में अपलोड करना है इस बार सभी स्कूल को पासवर्ड फिर से बनाना पड़ेगा अतः किसी स्कूल को कोई दिक़्क़त न हो इसके लिए ज़िला स्तरीय टीम बनाया गया है

जिसमें ज़िला कोआर्डीनेटर सत्यदेव वर्मा एमआईएस प्रशासक ज़िला शिक्षा अधिकारी कार्यालय रायपुर ने पूरे प्रशिक्षण के दौरान विभागीय प्रक्रिया एवं आवश्यक दिशानिर्देश शिक्षकों को दिए मास्टर ट्रेनर के रूप में एम.एन.सिंह ,मंजूषा तिवारी ,सोमा बनिक एवं हेमन्त कुमार साहू ने दो पाली में ट्रेनिंग सम्पन्न किया इस कार्यक्रम में विकासखंड शिक्षा अधिकारी एम.मिंज, एबीईओ राजेश साहू, जितेंद्र विश्वकर्मा ,दिवेश सिन्हा प्रिन्सिपल दावड़ा इंटेरनेशनल स्कूल समेत विकासखंड के लगभग 160 शासकीय एवं प्राइवेट स्कूल के शिक्षकों ने अपनी उपस्थिति सुनिश्चित किए ।