Wed. Apr 10th, 2024

(प्रचंड धारा) इंग्लैंड… वीर छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) ने जिस ‘वाघ नख’ (Wagh Nakh) हथियार से अफ़ज़ल ख़ान को मारा था वो जल्द ही देश को वापस किया जाएगा. ब्रिटेन सरकार के अधिकारियों ने जानकारी दी है कि शिवाजी महाराज का वो ऐतिहासिक हथियार भारत को वापस लौटाया जाएगा.

The Times of India में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, 1659 में छत्रपति शिवाजी ने बीजापुर के सेनापति अफ़ज़ल ख़ान (Afzal Khan) को  बाघ के नाखून जैसे दिखने वाले खंजर ‘बाघ नख’ से मार गिराया था. ये ऐतिहासिक हथियार भारत में नहीं बल्कि UK में था. महाराष्ट्र के मंत्री सुधीर मुनगंटीवार सितंबर में लंदन जाकर विक्टोरिया ऐंड अल्बर्ट म्यूज़ियम के साथ एक MoU साइन करेंगे. विक्टोरिया ऐंड अल्बर्ट म्यूज़ियम में ही छत्रपति शिवाजी का वाघ नख रखा हुआ है.

अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो इसी साल शिवाजी का वाघ नख भारत लौटेगा. सुधीर मुनगंटीवार ने बताया, ‘हमें ब्रिटिश अधिकारियों से एक चिट्ठी मिली है. वो छत्रपति शिवाजी महाराज के वाख नख को लौटाने के लिए राज़ी हो गए हैं. हिन्दू पंचांग के अनुसार जिस दिन छत्रपति शिवाजी ने अफ़ज़ल ख़ान को मारा था, हमें वो हथियार उसी दिन मिल सकता है. कुछ और दिनों पर भी चर्चा हो रही है. वाघ नख को भारत कैसे ट्रांसपोर्ट किया जाएगा इस पर भी बात-चीत जारी है.

क्या शिवाजी की दूसरी चीज़ें भी भारत लौंटेंगी?

सुधीर मुनगंटीवार ने बताया कि MoU साइन करने के अलावा छत्रपति शिवाजी महाराज की दूसरी वस्तुओं को भी भारत लाने कि कोशिशें हो रही हैं. शिवाजी की जगदंबा तलवार भी UK में रखी है, उसे भी देश वापस लाने की तैयारियां चल रही हैं. मुनगंटीवार ने कहा, ‘वाघ नख भारत वापस आ रहा है ये महाराष्ट्र के लिए और महाराष्ट्र के लोगों के लिए बहुत बड़ी बात है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 10 नवंबर को अफ़ज़ल ख़ान की मौत हुई लेकिन हम हिन्दू तिथि के हिसाब से वाघ नख वापस लाना चाहते हैं.’

वाघ नख को वापस लाने के लिए मुनगंटीवार, प्रिंसिपल सेक्रेटरी कल्चर, डॉ विकास खड़गे और डायरेक्टर ऑफ द स्टेट्स डायरेक्टरेट ऑफ आर्कियोलॉजी ऐंड म्यूजियम्स तेजस गर्गे भी लंदन जाएंगे. 29 सितंबर से 4 अक्टूबर तक तीन सदस्यों के 6 दिन के UK दौरे के लिए महाराष्ट्र सरकार 50 लाख रुपये खर्च कर रही है.

वाघ नख की खासियत?

वाघ नख एक प्रकार का खंजर है जिसे छ्त्रपति शिवाजी महाराज ने इस्तेमला किया था. बीजापुर रियासत के सेनापति अफ़ज़ल ख़ान को वाघ नख से शिवाजी ने मार गिराया था. जब दोनों एक-दूसरे को गले लगाने के लिए आगे बढ़े तब शिवाजी ने वाघ नख का इस्तेमाल कर अफ़ज़ल ख़ान को मार गिराया. इसके बाद शिवाजनी अफ़ज़ल ख़ान की तलवार ले ली. बीजापुर रियासत के खिलाफ़ विद्रोह छेड़ने के बाद शिवाजनी मराठा साम्राज्य की स्थापना की और पुणे को राजधानी बनाया.

इसे बाघ के पंजों से प्रेरित होकर बनाया गया था. इसमें चार नुकीले सिरे होते हैं और इसे हाथ में पहना जाता है. इसे आसानी से हाथों में छिपाकर रखा जा सकता है. वाघ नख अगर शरीर में घुस गया तो इससे गहरे ज़ख़्म आ सकते हैं और मौत भी हो सकती है.