Sat. Apr 20th, 2024

(प्रचंड धारा)अभनपुर… नवरात्र के मौके पर माता के मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ती है. हर कोई मां का आशीर्वाद लेना चाहता है. ऐसा ही नजारा ग्राम- चण्डी में स्थित चण्डी माता मंदिर का है. जिसका अपना विशेष महत्व है. इस मंदिर में नवरात्र के मौके पर दूर-दूर से भक्त माँ का आशीर्वाद लेने के लिए आते हैं.

मंदिर प्रांगण में सुबह से प्रतिदिन ढोल नगाड़ों के विशेष थाप के साथ भव्य आरती किया जाता है पंडितों की टोली द्वारा घंटा शंख ध्वनि बात करते हुए 108 बत्ती से महा आरती की जाती है।

प्रतिदिन भक्तों का तांता लगा रहता है नवरात्र पर्व के अवसर पर हर दिन माता का विशेष श्रृंगार किया जाता है मंदिर समिति के द्वारा स्वयंभू प्रकट चंडी मंदिर में समिति के पदाधिकारी गण दिन रात माता की सेवा में जुटे रहते हैं।

26 सितंबर 2022 से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है, माता के भक्त 9 दिन तक देवी माँ की पूजा-पाठ, मंत्र जाप और साधना कर उन्हें प्रसन्न करते हैं, शारदीय नवरात्रि के दूसरे दिन यानी कि अश्विन माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर मां दुर्गा का दूसरे स्वरूप (माँ ब्रह्मचारिणी ) की पूजा की जाती है. देवी ब्रह्मचारिणी तप, संयम और त्याग का प्रतीक हैं ।

माँ ब्रह्मचारिणी

आज माता के द्वितीय दिवस माँ चंडी के दरबार में दर्शन करने सैकड़ों लोग पहुंचे
मंदिर समिति के अध्यक्ष कांति भाई चावड़ा , उपाध्यक्ष नीलमणी टंण्डन, राजू निम्बेकर, संदीप दीवान, डायमंड साहू, लीला राम साहू, राम लाल साहू, विद्याभूषण सोनवानी, अनन्य निम्बेकर आदि मंदिर समिति के सदस्य माता की सेवा में लगे हुए हैं। प्रथम दिवस मां चंडी के दरबार में जय चंडी महिमा जस भजन मंडली का आयोजन किया गया।